T20 World Cup 2024 के लिए क्यों जरूरी है रोहित-द्रविड़ की जोड़ी, BCCI को बदलना पड़ा अपना प्लान

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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में वर्ल्ड कप 2023 के बाद बड़ा बदलाव सामने आया है. यह बदलाव टी20 वर्ल्ड कप को लेकर है. टी20 वर्ल्ड कप अगले साल जून में होना है. एक महीने पहले तक यह माना जा रहा था कि इस वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा शायद ही खेलें. विराट कोहली को लेकर भी यही बात कही जा रही है. बीसीसीआई ने इसी के चलते एक साल पहले ही टी20 टीम की कमान हार्दिक पंड्या को सौंप दी थी. लेकिन वर्ल्ड कप 2023 के बाद हालात बदल गए हैं. अब यह संभावना बन रही है कि रोहित शर्मा टी20 वर्ल्ड कप में भी कप्तानी करते नजर आ सकते हैं. बीसीसीआई ने कोच राहुल द्रविड़ समेत कोचिंग स्टाफ का कार्यकाल पहले ही बढ़ा दिया है. यानी कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ की जोड़ी ही एक बार फिर वर्ल्ड कप में नजर आ सकती है.

आखिर एक महीने में ऐसा क्या हो गया कि बीसीसीआई को अपना प्लान बदलना पड़ा. जब हम इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं तो 3 बातें निकलकर सामने आती हैं. पहली- रोहित शर्मा का वर्ल्ड कप 2023 में गजब की फॉर्म. दूसरी- हार्दिक पंड्या की खराब फिटनेस. तीसरी- रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ की जोड़ी ने जिस अंदाज में टीम का मिजाज बदला है, वह बड़ा शानदार रहा है.

11 मैच, 597 रन, 125 स्ट्राइक रेट…
रोहित शर्मा ने वर्ल्ड कप 2023 में 11 मैच में 597 रन बनाए थे. वे टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर रहे. लेकिन रोहित ने जिस स्ट्राइक रेट (125.94) से रन बनाए, उसने बाद के बैटर्स का काम काफी आसान कर दिया. यही कारण है कि जानकार मानते हैं कि विराट कोहली (765) ने भले ही रोहित से ज्यादा रन बनाए, लेकिन इम्पैक्ट कप्तान का ज्यादा रहा. हालांकि, यह तुलना ठीक नहीं है क्योंकि दोनों ही बैटर्स के खेल ने एकदूसरे और टीम को फायदा पहुंचाया. रोहित शर्मा के इसी प्रदर्शन के चलते यह कहा जा रहा है कि अगर वे टी20 वर्ल्ड कप 2024 में खेलते हैं तो भारत को फायदा होगा. पूरे टूर्नामेंट में उनके कप्तानी की भी खूब तारीफ हुई. खासकर जिस तरह से उन्होंने आगे रहकर टीम की अगुवाई की, वह काबिलेतारीफ रही.

पंड्या की फिटनेस पर संशय
हार्दिक पंड्या की फिटनेस ने भी बीसीसीआई को प्लान बी की तरफ देखने को मजबूर किया है. हम सबको पता है कि हार्दिक पंड्या वर्ल्ड कप 2023 के दौरान चोटिल हो गए थे और तब से अब तक टीम से नहीं जुड़ पाए हैं. पंड्या का पिछला इतिहास भी चोट से भरा रहा है. इस कारण उनके फिटनेस को लेकर डर बना रहता है. शायद बीसीसीआई भी एहतियातन सतर्कता बरतना चाहे कि पंड्या बतौर कप्तान वर्ल्ड कप ना खेलें क्योंकि अगर कप्तान ही मिशन के बीच में चोटिल हो जाए तो उसका नुकसान पूरी टीम को हो सकता है. वैसे भी वर्ल्ड कप 2023 और वर्ल्ड कप 2024 के बीच 8 महीने से भी कम का अंतर है. ऐसे में 2023 में बेहतर कप्तानी करने वाले और रन बरसाने वाले रोहित को कप्तान बनाए ररखना ही समझदारी होगी.

कप्तान रोहित-कोच द्रविड़ का टीम वर्क
किसी भी टीम की कामयाबी में सिर्फ खिलाड़ी या कप्तान की भूमिका नहीं होती. परदे के पीछे काम करने वाला कोचिंग स्टाफ भी अहम होता है. भारतीय टीम के वर्ल्ड कप 2023 में अच्छे प्रदर्शन की यह बड़ी वजह रही. हम सबने देखा कि जब टीम जीत रही थी तो कोच राहुल द्रविड़ मीडिया से दूरी बनाए हुए थे. लेकिन जब टीम फाइनल हारी तो प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए द्रविड़ ही आए. द्रविड़ का यह अप्रोच बताता है कि जब टीम संकट में हो, खिलाड़ियों का मनोबल गिरा हो तो वे उनके साथ मजबूती से खड़े हैं. दीवार की तरह, जैसा कि वे अपने क्रिकेटिंग करियर के दौरान करते थे.

इसके अलावा वर्ल्ड कप 2023 में हमने देखा कि टीम के हर खिलाड़ी की भूमिका तय थी. अगर विराट कोहली, केएल राहुल को पारी को दूर तक ले जाने का जिम्मा था तो ओपनर रोहित, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर को विरोधी पर अटैक की जिम्मेदारी दी गई थी. खिलाड़ियों की इतनी साफ भूमिका और उस पर अमल तभी संभव है, जब कप्तान-कोच की आपसी समझ बेहतर हो. शायद वही वो कारण हैं, जिनके चलते टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ की जोड़ी जरूरी है.

Tags: BCCI, Rahul Dravid, Rohit sharma, T20 World Cup, Team india

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