Tata Group के इस शेयर से टूटा ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा! जानें कब आएंगे इस स्टॉक के अच्छे दिन

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Tata Steel Shares: टाटा ग्रुप को शेयर बाजार में भरोसे का प्रतीक माना जाता है। चाहें टाइटन हो, टीसीएस या टाटा मोटर्स, इस ग्रुप की कई कंपनियां, सालों से निवेशकों को तगड़ा मुनाफा करा रही है। हाल ही में लिस्ट हुई टाटा टेक्नोलॉजीज ने तो पहले ही दिन लोगों को मल्टीबैगर रिटर्न दिया। हालांकि टाटा ग्रुप का एक शेयर ऐसा है, जो पिछले काफी समय से परफॉर्म नहीं कर रहा है। यह शेयर है टाटा स्टील। यहां तक कि पिछली तिमाही ने दौरान ब्रोकरेज फर्मों और एनालिस्ट्स ने जिस शेयर की सबसे ज्यादा रेटिंग घटाई है, उसमें भी टाटा स्टील सबसे ऊपर है। हालांकि कई ब्रोकरेज अभी इस शेयर को लेकर बुलिश हैं और उन्हें आगे भी इसमें ग्रोथ की उम्मीद दिख रही है।

टाटा स्टील को पिछली तिमाही में कई चुनौतियां से जूझना पड़ा। ग्लोबल लेवल पर आर्थिक अनिश्चितता, कंपनी के कैपिटल इनवेस्टमेंट प्लान में देरी, क्षमता विस्तार में देरी और इसके कारोबार से जुड़े कई पहलू को लेकर एक्सपर्ट्स को चिंताएं थी। इसके चलते उन्होंने इसके टारगेट प्राइस में काफी कटौती की। करीब 9.68 फीसदी की। इसके साथ ही यह ब्लूचिप कंपनियों में सबसे ज्यादा डाउनग्रेड होने वाला स्टॉक बन गया। टाटा स्टील के बाद दूसरे नंबर पर HDFC बैंक है, जिसके टारगेट प्राइस में पिछली तिमाही में 8 फीसदी की कटौती की गई।

30 नवंबर तक के आंकड़े के मुताबिक टाटा स्टील के स्टॉक को 22 ब्रोकरेज फर्मों ने Buy रेटिंग दी हुई है, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 25 Buy रिकमेंडेशन का था। वहीं 4 एनालिस्ट्स ने इसे बेचने की सलाह दी, जबकि पहले यह संख्या दो थी। इसी तरह इसे होल्ड रेटिंग देने वालों की संख्या चार से बढ़कर 5 हो गई है।

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आखिर टाटा स्टील की रेटिंग इतनी क्यों डाउनग्रेड हुई, पहले इसे समझ लेते हैं। दरअसल हालिया सिंतबर तिमाही में टाटा स्टील का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा था। कंपनी ने इस तिमाही में 6,511 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि इसको पिछले साल इसी तिमाही में 1,297 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी का घाटा बाजार के अनुमान से भी काफी अधिक था। इसी के चलते एक्सपर्ट्स के बीच कंपनी की कारोबारी चुनौतियों को लेकर चिंता पैदा हो गई। कंपनी का रेवेन्यू भी सितंबर तिमाही में 7% घटा था।

टाटा स्टील को जिन ब्रोकरेज फर्मों ने Sell रेटिंग दी है, उनमें एक्सिस कैपिटल, एवेंडस, सिटी और इनक्रीड शामिल हैं। CITI ने कहा भारत में स्टील की कीमतें और कंपनी के यूरोपीय बिजनेस का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दबाव में है। इसलिए उसने टाटा स्टील का टारगेट प्राइस 140 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दिया।

हालांकि सभी एनालिस्ट की ऐसी राय नहीं है। प्रभुदास लीलाधर के एनालिस्ट्स ने निकट भविष्य के जोखिमों के बावजूद टाटा स्टील पर अपना बुलिश रुख बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का प्रति टन ebitda मजबूत रहने वाला है। ब्रोकरेज ने 138 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग दी है।

ब्रोकरेज के बुलिश होने का एक कारण यह भी है टाटा स्टील अपने कलिंगनगर प्लांट में कोल्ड रोल्ड मिल प्रोजेक्ट्स को FY25 में पूरा करने का लक्ष्य बनाया हुआ है। इसके पूरा होने से कंपनी को अपना मार्जिन बढ़ाने में मदद मिलेगी। टाटा स्टील अपने कलिंगनर प्लांट की क्षमता को सालाना 50 लाख प्रति टन तक बढ़ा रही है।

बैंक ऑफ बड़ौदा कैपिटल मार्केट्स के एनालिस्ट्स भी टाटा स्टील के स्टॉक को लेकर बुलिश है। ब्रोकरेज ने एक रिपोर्ट में कहा कि हमें टाटा स्टील की कमाई बढ़ाने वाली क्षमता पर भरोसा है और इसलिए हमने ‘Buy’ रेटिंग को बनाए रखा गया है।” हालांकि उसने टारगेट प्राइस को पहले के 155 रुपये से थोड़ा कम करके 150 रुपये कर दिया।

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