Salaar refusing to screen their film in certain theatre chains in the south | सालार के मेकर्स ने PVR-INOX और मिराज का किया बायकॉट: डंकी को ज्यादा स्क्रीन देने का मामला; पहले स्क्रीन शेयरिंग पर बात बनी थी

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27 मिनट पहलेलेखक: अमित कर्ण

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डंकी और सालार के क्लैश ने अब तल्ख रूप ले लिया है। सालार के मेकर्स ने स्क्रीन बंटवारे में फेयर प्ले न होने के चलते साउथ में अपनी ताकत दिखाई है। वहां उन्होंने दो बड़े सिनेमा चेन PVR-INOX और मिराज सिनेमाज में अपनी फिल्म रिलीज नहीं करने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सालार के मेकर्स का कहना है कि नॉर्थ में ये दो सिनेमा चेन उनकी फिल्म के ऊपर डंकी को फेवर कर रहे हैं।

उन्होंने कहा- PVR- INOX के मालिक अजय बिजली स्क्रीन बंटवारे पर फेवरेटिज्म कर रहें हैं। हमें पिछले दो दिनों से आश्वासन दिए जा रहे थे कि दोनों फिल्मों को समान स्क्रीन मिलेंगे। मगर उन्होंने सिर्फ डंकी ओपन कर दिया।

ऐसे में हमने साउथ में उनके सिनेमाघरों में फिल्म रिलीज न करने का फैसला किया है। PVR और मिराज सिनेमाज की तरफ से अभी इन आरोपों का कोई जवाब नहीं आया है। उनके सूत्रों ने बस यह कहा कि स्क्रीन बंटवारे पर बैठकों का दौर अब भी जारी है। गुरुवार सुबह तक कुछ कहा जा सकेगा।

शाहरुख के साथ मीटिंग हुई थी, वहां स्क्रीन शेयरिंग पर बात बनी थी
होम्बले फिल्म्स से एसोसिएट लोगों ने और भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा- पिछले महीने शाहरुख खान के साथ हमारी कंपनी के संचालकों की मीटिंग हुई। वहां तय हुआ कि दोनों फिल्मों के बीच बराबर स्क्रीन शेयरिंग होगी।

मगर अब अजय बिजली मुकर चुके हैं। उन्होंने सारी स्क्रीन डंकी के फेवर में कर दी है। इसलिए हमने साउथ में उन्हें स्क्रीन न देने का फैसला किया है। सुनने को यह भी आ रहा कि नॉर्थ में सिंगल स्क्रीन वालों को सालार को कम शो देने का दबाव बनाया जा रहा है।

सिंगल स्क्रीन ओनर का दर्द छलका, एडवांस बुकिंग ओपन करने की इजाजत नहीं मिली
नॉर्थ इंडिया के सिनेमाघरों में सिंगल स्क्रीन वाले कुछ अलग आरोप लगा रहें हैं। जी7 गेयटी गैलेक्सी और मराठा मंदिर सिनेमा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई बेहद निराश हैं। मनोज देसाई ने कहा- हमें बुधवार शाम तक दोनों फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूूटर्स ने एडवांस बुकिंग ओपन करने की अनुमति नहीं दी। जबकि मल्टीप्लेक्सेज को उनके डिस्ट्रीब्यूटर्स ने वैसा करने की परमिशन दे रखी है। ऐसे में आम पब्लिक को मल्टीप्लेक्सेज की महंगी टिकटें होने के बावजूद वहीं जाना पड़ रहा है।

जवान और पठान के वक्त ऐसा नहीं था। तब हमें भी सात दिन पहले एडवांस ओपन करने दिए गए थे। आज हमें सिर्फ गुरुवार के दिन के लिए डंकी की एडवांस बुकिंग की ही अनुमति है। जाहिर है कि फायदा तो मल्टीप्लेक्स चेन को पहुंचाया गया है। हमें तो एडवांस ओपन करने के लिए बुधवार की शाम तक इंतजार करने को कहा गया।’

प्रोड्यूसर्स रिकवरी कर लेंगे, एग्जीबिटर्स को नुकसान होगा
एग्जीबिटर विशेष चौहान एक और पहलू बताते हैं- अगर हम एक्जीबिटर और ट्रेड बिरादरी के नजरिए से देखें तो क्लैश के चलते एग्जीबिटर सेक्टर का नुकसान है। क्योंकि इनके प्रोड्यूसर्स तो ओटीटी, सेटेलाइट और म्यूजिक वगैरह के राइट्स से अपनी रिकवरी कर लेंगे।

मगर सिंगल स्क्रीन के ओनर्स हैं, उनका तो नुकसान होगा न। क्लैश के चलते सिंगल स्क्रीन के लिए यह लॉस्ट अपॉरच्युनिटी है, क्योंकि बड़ी फिल्में हैं तो उनकी शो केसिंग बड़ी करनी पड़ती है। आज आलम यह है कि यह सेक्टर अपना माथा खुजा रहा है।

इधर, मल्टीप्लेक्स संचालकों की अलग दलीलें हैं। उनके अधिकारी बताते हैं- इंडिया में सभी लैंग्वेज को मिला दें तो सालाना 1800 फिल्में सेंसर होती हैं साल के 52 हफ्ते में। ऐसे में हर हफ्ते सिनेमाघरों के पास दर्जनों फिल्में रिलीज के लिए मुहैया रहती हैं।

खासकर मल्टीप्लेक्स वालों के पास एक एक मॉल में पांच से सात स्क्रीन होते हैं। तो वो आसानी से किस फिल्म को जिस अनुपात में स्क्रीन देनी हैं, वैसी प्रोग्रामिंग हम हर हफ्ते कर लेते हैं। यहां डंकी और सालार के मामले में भी वो चीज हम कर लेंगे।

नॉर्थ में डंकी को 65 फीसदी, जबकि सालार को 35 फीसदी स्क्रीन मिलेंगे
इस क्लैश के चलते दोनों फिल्मों के बिजनेस प्रभावित होंगे। डिस्ट्रीब्यूटर राज बंसल के शब्दों में- नॉर्थ में डंकी को 65 फीसदी, जबकि सालार को 35 फीसदी स्क्रीन ही मिलेंगे। साउथ इंडिया में यही अनुपात उल्टा होगा। यह तय है कि ओवरसीज में जरूर शाहरुख की फैन फॉलोइंग बड़ी है, मगर अमेरिका से सालार की बुकिंग के पॉजिटिव रिपोर्ट आ रहें हैं।

मौजूदा हालात में गुरूवार को तो डंकी की ओपनिंग इंडिया में 35 करोड़ प्लस रह सकती है। शुक्रवार को सालार हिंदी बेल्ट में 12 करोड़ से लेकर 15 करोड़ तक भी जाती है तो वो विन विन सिचुएशन में होगी। क्योंकि साउथ और ओवरसीज से उसे तगड़ी कलेक्शन होने वाली है। वो इसलिए कि उसके डायरेक्टर प्रशांत नील की ब्रांड वैल्यू तगड़ी है।

इधर हिरानी की भी ब्रांड वैल्यू है। मगर डंकी टिपिकल एक्शन फिल्म नहीं है। वो ओपनिंग के बजाय सिनेमाघरों में ज्यादा दिनों तक ठहरकर बिजनेस करने वाली फिल्म है। ’

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