Prithviraj defends the violence shown in ‘Salaar’salaar, prabhas, prithviraj sukumaaran, plot, blood, deaths, violence, collection | पृथ्वीराज ने ‘सलार’ में दिखाई हिंसा का बचाव किया: कहा- हमें जो बनाना है उसे बनाने की आजादी होनी चाहिए

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23 मिनट पहले

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प्रभास स्टारर फिल्म ‘सलार’ हाल ही में रिलीज हुई है। इस फिल्म ने तीसरे ही दिन ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म में वर्धा के रोल में नजर आए पृथ्वीराज सुकुमारन ने एक इंटरव्यू के दौरान फिल्म में हिंसा, खून और मौत दिखाए जाने के सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा- अगर कोई डायरेक्टर अपनी कहानी के लिए ग्राफिक हिंसा शूट करना चाहता है तो उसे ऐसा करने की आजादी होनी चाहिए।

पृथ्वीराज ने फिल्म में दिखाई हिंसा का बचाव किया
फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन ‘वर्धा’ के किरदार में खूब जंचे। उनकी अदाकारी की तारीफ भी हुई। ऐसे में एक इंटरव्यू के दौरान पृथ्वीराज ने बताया कि हर फिल्म केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा सर्टिफाइड होती है। संस्था तय करती है कि फिल्म कौन देख सकता है। एक फिल्ममेकर के रूप में हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि हम इसे सेंसर बोर्ड को सौंपें। हम फिल्म कैसे बनाते हैं ये हम पर छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा- दर्शकों को फिल्म के सर्टिफिकेशन के बारे में पहले ही बता दिया गया था क्योंकि इसमें हिंसा, खून और मौतें दिखाई गई हैं। एक्जिबिशन सेक्टर में सेंसरशिप होनी चाहिए ताकि इस बात पर नजर रखी जा सके कि थिएटर में कौन जाता है और कौन ये फिल्म देख पाता है। एक एक्टर होने के नाते मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि हमें जो बनाना है उसे बनाने की आजादी होनी चाहिए।

‘सलार’ में फिल्माए गए हिंसक सींस के बारे में पृथ्वीराज का कहना है कि ‘सलार’ में हिंसा फिल्म के प्लॉट का एक प्रमुख पात्र है। ये फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने के लिए भी अहम है। ऐसे में हिंसा के बिना ‘सलार’ अधूरी है।

क्या है ‘सलार’ की कहानी
KGF की तरह सलार की कहानी भी एक काल्पनिक दुनिया से शुरू होती है। अमेरिका से लौटी आध्या (श्रुति हसन) का जीवन खतरे में है। आध्या भागकर एक महिला के घर छिप जाती है। वो महिला देवा यानी प्रभास की मां होती है। देवा उसे उन गुंडों से बचाता है।

कहानी सेकेंड हाफ में ‘खानसार’ की दुनिया में जाती है। खानसार एक ऐसी जगह है, जहां के लोग एक अलग दुनिया बनाकर रहते हैं। वे अपने आप को देश का हिस्सा नहीं मानते। उनकी खुद की आर्मी होती है। अंग्रेज भी उनके सामने घुटने टेंक देते हैं। आजादी के बाद वहां पर राजा का शासन हो जाता है।

राजा के मरने के बाद सिंहासन की लड़ाई शुरू होती है। पृथ्वीराज ने वर्धा की भूमिका निभाई है। वो शहर के राज्यपालों में से एक है और राजा बनना चाहता है। हालांकि जब उसे उखाड़ फेंकने के लिए तख्तापलट किया जाता है, तो वर्धा अपने पुराने दोस्त देवा (प्रभास) से मदद मांगता है।

फिल्म अच्छी कमाई कर रही है
प्रशांत नील की डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने पहले दिन टोटल 178.7 करोड़ रुपए कमाए। जिसमें से 90 करोड़ 70 लाख का कलेक्शन इंडियन बॉक्स ऑफिस से किया था। वहीं दो दिनों में सलार का ग्लोबल कलेक्शन 295.7 करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। आज यानी तीसरे दिन फिल्म ने ग्लोबली 400 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है।

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