Nana Patekar Interesting Facts; Rajkumar Tanushree Dutta Controversy | कॉन्ट्रैक्ट में डायरेक्टर से झगड़ने की शर्त रखते हैं नाना: राजकुमार साथ में काम करने से घबरा गए थे, कहा था-गड़बड़ हो जाएगी

hindinewsviral.com
18 Min Read

[ad_1]

17 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

नाना पाटेकर आज 73 साल के हो गए हैं। नाना एक्टर होने के अलावा स्क्रीनराइटर, फिल्ममेकर भी हैं। उन्होंने अपने टैलेंट के दम पर पहचान बनाई है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था।

बचपन गरीबी में कटा। पेंटर के तौर पर 35 रुपए महीने की सैलरी पर काम किया। स्मिता पाटिल ने टैलेंट पहचाना और उनके कहने पर नाना फिल्मी दुनिया में आए।

उन्होंने अब तक तीन नेशनल अवॉर्ड्स अपने नाम किए हैं। 2013 में उन्हें सिनेमा में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। एक छोटे से रोल के जरिए अपनी एक्टिंग पारी की शुरुआत करने वाले नाना ने परिंदा, प्रहार, तिरंगा, क्रांतिवीर, खामोशी द म्यूजिकल समेत कई फिल्मों में काम किया है।

उनकी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्सों पर नजर डालते हैं…

सिर्फ 13 की उम्र में शुरू किया काम

नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरूड-जंजीरा गांव में हुआ। उनके पिता दिनकर पाटेकर पेशे से पेंटर थे और उनका बिजनेस भी था। नाना की मां संजनाबाई हाउसवाइफ थीं। उनके दो भाई हैं जिनके नाम अशोक पाटेकर और दिलीप पाटेकर हैं।

नाना संपन्न परिवार से थे, लेकिन उनके पिता को धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। एक रिश्तेदार ने धोखे से उनकी पूरी संपत्ति और बिजनेस हड़प लिया। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई।

पेंटर पिता बड़ी ही मुश्किल से परिवार चला पाते थे इसलिए घर चलाने के लिए नाना ने 13 साल की उम्र से काम शुरू कर दिया। स्कूल से आने के बाद वह प्रतिदिन 8 किलोमीटर का सफर कर फिल्मों के पोस्टर और जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने जाते थे। इसके लिए उन्हें हर महीने 35 रुपए और रोज एक वक्त का खाना मिलता था।

नाना ने मुंबई के जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स से पढ़ाई पूरी की। वो कॉलेज में होने वाले नाटकों में हिस्सा लिया करते थे। उन्हें स्केचिंग का भी शौक था और अपराधियों की पहचान के लिए वह मुंबई पुलिस को उनके स्केच बनाकर दिया करते थे।

मराठी फिल्म 'सिंहासन' में नाना पाटेकर।

मराठी फिल्म ‘सिंहासन’ में नाना पाटेकर।

दवाइयों के अभाव में हुई पिता की मौत

एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने बताया था कि उनका बचपन बेहद तंगहाली में गुजरा। नाना ने कम उम्र में पेंटिंग का काम शुरू तो कर दिया था, लेकिन थिएटर उन्हें बेहद लुभाता था। उनके मन में प्ले करने की इच्छा रहती थी इसलिए उन्होंने थिएटर जॉइन कर लिया था।

एक बार जब नाना के पिता बीमार हुए, तब नाना ने इलाज के लिए उन्हें एक सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। पिता का इलाज स्टेज शो से मिले पैसों से होता था। जिस दिन पिता का निधन हुआ, उस दिन नाना ‘महासागर’ नाम का एक शो कर रहे थे। शो के बीच में उन्हें पिता के गुजर जाने की सूचना दी गई, लेकिन नाना ने शो नहीं रोका और उसे पूरा करने के बाद ही पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। नाना के पिता का जब निधन हुआ तब वह 28 साल के थे।

नाना थिएटर में काम करके खुश थे, लेकिन उनकी दोस्त स्मिता पाटिल ने उन्हें फिल्मों में काम करने की सलाह दी। नाना फिल्मों में नहीं जाना चाहते थे, लेकिन स्मिता ने उन्हें फोर्स किया तो वो मान गए।

इसके बाद नाना ने 1978 में फिल्म गमन से बॉलीवुड डेब्यू किया जिसमें फारुख शेख और स्मिता पाटिल लीड रोल में थे। इसी साल उन्होंने ‘सिंहासन’ के जरिए मराठी फिल्मों में कदम रखा।

रेप सीन पर बजी ताली, गुस्सा हो गए नाना

थिएटर करने के दौरान नाना का एक प्ले ‘पुरुष’ काफी पॉपुलर हुआ था जिससे जुड़ा एक किस्सा भी काफी मशहूर है। दरअसल, प्ले में एक रेप सीन था जिसे देखकर ऑडियंस ने ताली बजा दी थी। ये देखकर नाना को गुस्सा आ गया और वे प्ले बीच में छोड़कर चले गए। नाना का मानना है कि रेप जैसी सामाजिक बुराई पर तालियां बजाना बेहद शर्मनाक है, भले ही वो प्ले ही क्यों न हो।

कॉन्ट्रैक्ट में रखते हैं अजीब शर्त

नाना के कॉन्ट्रैक्ट में शर्त रहती है कि वह डायरेक्टर से झगड़ सकते हैं। दरअसल, नाना का मानना है कि वे जिस डायरेक्टर के साथ काम करते हैं, उससे उनका झगड़ा जरूर होता है।

फिल्म ‘तिरंगा’ में काम करने से कर दिया था इनकार

फिल्म ‘तिरंगा’ नाना के करियर की अहम फिल्म साबित हुई थी जो कि 1993 में रिलीज हुई थी। इसमें उन्होंने इंस्पेक्टर वागले का रोल प्ले किया था। उनकी कास्टिंग पर फिल्म के डायरेक्टर मेहुल कुमार ने एक इंटरव्यू में कहा था- इंस्पेक्टर वागले के रोल के लिए पहली चॉइस रजनीकांत थे। उन्हें कहानी भी पसंद आई थी, लेकिन उन्होंने फिल्म करने से मना कर दिया।

उन्होंने कहा- सब्जेक्ट अच्छा है, मेरा कैरेक्टर भी पावरफुल है, मेरा नाम भी रखा है, पर राजकुमार के साथ काम करने को लेकर मेरा मन न बोल रहा है। कुछ टेंशन हो गई, तब प्रॉब्लम हो जाएगी। मुझे माफ कर दीजिए, आगे कुछ रहेगा, तब जरूर करेंगे। इसके बाद नसीरुद्दीन शाह को अप्रोच किया गया, तब उन्होंने मना करते हुए कहा- मेहुल जी, राज साहब के साथ मेरी नहीं जमेगी। इसके बाद नाना को ऑफर दिया गया, तब वे यह कहते हुए मना करने लगे कि मैं कॉमर्शियल फिल्म नहीं करता, लेकिन जब कहानी सुनाई गई तो वे तैयार हो गए।

फिल्म 'तिरंगा' के सेट पर राजकुमार और नाना पाटेकर।

फिल्म ‘तिरंगा’ के सेट पर राजकुमार और नाना पाटेकर।

नाना की कास्टिंग से घबराए राजकुमार

नाना को कास्ट करते हुए मेहुल कुमार ने आश्वस्त किया कि राजकुमार के साथ दो फिल्म कर चुका हूं, उनके साथ कोई दिक्कत नहीं होगी। नाना को साइनिंग अमाउंट देने के बाद राज साहब को फोन करके बताया कि नाना को फाइनल कर लिया है, तब नाना का नाम सुनकर राज साहब घबरा गए।

वे कहने लगे- मेहुल, तुमने नाना को फाइनल किया है। वह तो बदतमीजी करता है। सेट पर गाली-गलौज कर लेता है। उसके साथ तो गड़बड़ हो जाएगी। इस पर मेहुल ने राजकुमार को बताया कि नाना ने कहा है, अगर सेट पर राज साहब ने कुछ इंटरफीयर किया, तब मैं सेट छोड़कर चला जाऊंगा और वापस कभी नहीं आऊंगा। यह सुनकर राज साहब ने कहा कि मैं कहां इंटरफीयर करता हूं। अगर बात ओके हो गई है, तब चलो फिल्म करते हैं।

कास्टिंग पर एक प्रोड्यूसर-डायरेक्टर ने जताई चिंता

नाना पाटेकर और राजकुमार की एक साथ कास्टिंग पर इंडस्ट्री से जुड़े एक नामी-गिरामी प्रोड्यूसर-डायरेक्टर ने मुहूर्त के दिन ही चिंता जताते हुए कहा कि भगवान करे कि तुम्हारा तिरंगा लहराए। मुझे तो चिंता हो रही है कि तुमने एक ईस्ट और दूसरे वेस्ट को कास्ट करके छह महीने में फिल्म बनाने का फैसला लिया है।

गाना फिल्माने से नाना पाटेकर ने कर दिया था इनकार

फिल्म में गाना- ‘पी ले पी ले ओ मेरे राजा…’ फिल्माने से नाना ने इनकार कर दिया था। उनका कहना था-पुलिस के रोल में यह गाना गाऊंगा, तब पब्लिक क्या कहेगी। उन्हें समझाया कि यह कोई रोमांटिक गाना नहीं है। पब्लिक आपको इसमें लाइक करेगी, क्योंकि यह मस्ती भरा गाना है।

गाना फिल्माने के बाद दोनों की हुई दोस्ती

शुरुआत में राजकुमार और नाना पाटेकर शॉट देने के बाद अलग-अलग जा बैठते थे, लेकिन ‘पी ले पी ले ओ मेरे राजा…’ गाना पिक्चराइज होने के बाद दोनों की दोस्ती हो गई। इसके बाद तो क्लाइमैक्स फिल्माने तक दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई।

27 की उम्र में कर ली थी शादी

नाना ने 27 साल की उम्र में नील से शादी कर ली थी जो कि एक बैंक में ऑफिसर थीं। इसके अलावा वो एक्ट्रेस भी थीं। नाना के मुताबिक, “मैंने सोचा था कि शादी तो करनी नहीं। इसलिए थिएटर जॉइन कर लेते हैं। जब मैं कुछ पैसे कमा लूंगा और कोई लड़की मुझसे शादी करने को तैयार हो जाएगी, तब देखूंगा। बाद में मैंने नीलू से शादी की, जिससे मेरी पहली मुलाकात थिएटर में हुई थी। वह बहुत अच्छी एक्ट्रेस रही है और लिखती भी अच्छा है। नीलू एक बैंक में ऑफिसर थी और 2500 रुपए महीना कमाती थी। उस वक्त मुझे एक शो के 50 रुपए मिल जाते थे। अगर मैं महीने में 15 शो कर लेता था तो मेरी कमाई 750 रुपए हो जाती थी। यानी कि मेरी और नीलू की कमाई मिलाकर 3250 रुपए महीना होती थी, जो हमारे लिए काफी थी।”

शादी में खर्च हुए थे 750 रुपए

नाना के मुताबिक, “70 के दशक में हमने शादी पर 750 रुपए खर्च किए थे। हमारे पास कुछ 24 रुपए बचे थे, जिससे हमने गोल्डस्पॉट्स (सॉफ्ट ड्रिंक) खरीदा और मेहमानों को एक छोटी सी पार्टी दी थी। शादी के बाद हम एक दिन के लिए पुणे गए थे। अरविंद देशपांडे (दोस्त) ने हमारे लिए होटल बुक कराया था।”

फिल्मों से दूर रहीं नीलकांति

नाना की पत्नी नीलू सिनेमा से दूर रहीं। इस बारे में नाना ने एक इंटरव्यू में कहा था, “उसकी इकलौती फिल्म ‘आत्मविश्वास’ थी, जिसे सचिन पिलगांवकर ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म के लिए उसे बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला था। बढ़ती उम्र के साथ नीलू का वजन बढ़ गया और वो फिल्मों से दूर हो गई। नाना ने बताया कि उन्होंने नीलू को वजन कम करने की सलाह भी दी थी।

पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार के साथ नाना।

पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार के साथ नाना।

पत्नी से अलग रहते हैं नाना

नाना पाटेकर पत्नी नीलू से अलग रहते हैं। हालांकि उनका तलाक नहीं हुआ है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “हम रोज मिलते हैं और एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं।” ऐसी खबरें थीं कि जब नाना का अफेयर मनीषा कोइराला से चल रहा था, तो इस बात का पता नीलू को चला तो वे उन्हें छोड़कर चली गई थीं। हालांकि नाना ऐसी किसी भी बात से इनकार करते हैं।

एक बेटे का हो चुका निधन

नाना का एक बेटा है, जिसका नाम मल्हार है। हालांकि मल्हार से पहले उनके बड़े बेटे का जन्म हुआ था, जिसकी मौत कुछ समय बाद हो गई थी। एक इंटरव्यू में नाना ने बताया था- “27 साल की उम्र में मेरी शादी हुई। जब 28 का हुआ तो पिता को खो दिया और इसके ढाई साल बाद मेरे बड़े बेटे की मौत हो गई। जन्म से ही उसका होंठ कटा हुआ था और कई अन्य दिक्कतें भी उसके साथ थीं।”

बेटे की मौत के बाद नाना एकदम टूट गए थे। वो किसी से ज्यादा बात भी नहीं करते थे। हालांकि कुछ वक्त बाद जब नाना का दूसरा बेटा मल्हार पैदा हुआ तो उनकी जिंदगी में खुशियां लौटीं।

नाना के झगड़े की वजह से छोटे बेटे के हाथ से निकली फिल्म

मल्हार एक्टिंग में अपना करियर बनाना चाहते थे। प्रकाश झा अपनी फिल्म से मल्हार को लॉन्च करने वाले थे, लेकिन नाना पाटेकर के साथ प्रकाश झा के मनमुटाव के चलते ऐसा नहीं हो पाया। नाना ने मल्हार को झा के साथ काम करने से साफ मना कर दिया था। हालांकि बाद में मल्हार डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा के साथ जुड़े और बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम करने लगे।

विवादों में फंसे, मीटू के आरोप लगे

नाना अपने करियर में कुछ विवादों में भी फंसे। 2018 में मीटू मूवमेंट के दौरान एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने नाना पर सेक्शुअली हैरेसमेंट का आरोप लगाया था। तनुश्री ने नाना पर 2008 में आई फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था जिसकी वजह से नाना को काफी क्रिटिसिज्म का सामना करना पड़ा था। उन्हें इस घटना के बाद हाउसफुल 4 जैसी बड़ी फिल्मों से हाथ भी धोना पड़ा था। हालांकि नाना ने हमेशा से ही अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

3 बार जीता नेशनल फिल्म अवॉर्ड

‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’ जैसी फिल्मों में नजर आए नाना ने एक नहीं बल्कि तीन बार नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। उन्हें पहली बार 1990 में रिलीज हुई फिल्म परिंदा के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था। 1995 में फिल्म क्रांतिवीर के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था। 1997 में एक बार फिर वो ‘अग्निसाक्षी’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीतने में कामयाब रहे थे। 2013 में उन्हें सिनेमा में योगदान के लिए पद्मश्री भी मिला था।

ऋषि कपूर से थी गहरी दोस्ती

नाना पाटेकर के फिल्म इंडस्ट्री में चुनिंदा दोस्त रहे। इनमें मिथुन चक्रवर्ती, डैनी डेंज़ोंग्पा, अनिल कपूर और ऋषि कपूर के नाम शामिल हैं। एक इंटरव्यू में नाना ने ऋषि कपूर के साथ अपनी बॉन्डिंग के बारे में कहा था, बहुत गाली गलौज करते थे, लेकिन बहुत अच्छे थे। मैंने एक बार उन्हें घर बुलाया था और तब उन्होंने कहा था कि ठीक है, लेकिन मैं अपना अल्कोहल खुद लेकर आऊंगा क्योंकि मुझे लगता नहीं कि तुम घर में स्टॉक रखते होगे। मैंने उनके लिए मटन कीमा बनाया था।

नीतू जी भी आने वाली थीं, लेकिन फिर वो अकेले ही आए। बाद में मैंने नीतू जी को कॉल किया और कहा कि अब मैं आपके घर नहीं आऊंगा फिर वो आईं और हम तीनों ने बहुत अच्छा समय बिताया। ऋषि जी बोले, मैं तेरे लिए होटल खोल देता हूं, तू एक्टिंग छोड़, तू खाना ज्यादा अच्छा बनाता है। मैं उनके साथ बिताए वक्त को बहुत मिस करता हूं। उनके निधन के बाद मुझे लगा कि मेरा भी एक हिस्सा मर गया है। अब उनके साथ बिताई सिर्फ यादें बाकी हैं। यही आपकी असली पूंजी है। इसलिए कहता हूं अलमारी में पैसे बंद करके क्या करोगे?

मुंबई में 1BHK घर में रहते हैं नाना

नाना बहुत ही डाउन टू अर्थ रहना पसंद करते हैं। मुंबई के बजाय वो पुणे और गोवा में ज्यादातर समय बिताते हैं। उनकी लाइफस्टाइल बेहद सिंपल है। यही वजह है कि वो मुंबई की भागदौड़ से दूर रहकर पुणे में अपने फार्महाउस पर ज्यादा वक्त बिताते हैं। यहां उनका 12 एकड़ का फार्महाउस है। वहीं मुंबई में उन्होंने केवल 1BHK अपार्टमेंट ही खरीदा है, जिसकी कीमत तकरीबन 3 करोड़ रु. है।

नाना की एक फिल्म की फीस 2-3 करोड़ रुपए है। ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए वो 1 करोड़ रुपए तक चार्ज करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ करीब 55 करोड़ रुपए है। इस साल वो फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ में नजर आए थे।

[ad_2]

Source link

Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *