FedBank IPO Listing: फेडरल बैंक की सब्सिडियरी भी लिस्ट, लेकिन डिस्काउंट एंट्री ने किया निराश

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FedBank IPO Listing: घरेलू मार्केट में पहले से लिस्टेड फेडरल बैंक (Federal Bank) की NBFC सब्सिडियरी फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज (Fedbank Financial Services) के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फीकी एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी पहले दो दिन कुछ खास रिस्पांस नहीं मिला था और आखिरी दिन ही जाकर ही यह ओवरसब्सक्राइब हो पाया था। आईपीओ के तहत 140 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी 137.75 रुपये के भाव पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को  लिस्टिंग गेन (Fedbank Listing Gain) नहीं मिला बल्कि उनका निवेश लिस्टिंग पर 1.60 फीसदी घट गया। लिस्टिंग के बाद गिरावट और बढ़ी।

फिसलकर यह 136.20 रुपये (Fedbank Share Price)  पर आ गया है यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.71 फीसदी घाटे में हैं। हालांकि एंप्लॉयीज मुनाफे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर 10 रुपये के डिस्काउंट पर मिला है।

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Fedbank Financial Services IPO को कैसा मिला था रिस्पांस

फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज का 1092.26 करोड़ रुपये का आईपीओ 22 नवंबर से 24 नवंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। तीन दिनों में ओवरऑल यह आईपीओ 2.24 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 3.48 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.49 गुना, खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.88 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.34 गुना भरा था।

आईपीओ के तहत 600.77 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 3,51,61,723 शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री हुई है। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल टियर-1 कैपिटल बेस को बढ़ाने और इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने में होगा।

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Fedbank Financial Services की डिटेल्स

MSME और खुद का रोजगार कर रहे लोगों को फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज गोल्ड लोन, होम लोन, प्रॉपर्टी गिरवी रखकर लोन और बिजनेस लोन सर्विसेज मुहैया कराता है। मार्च तक के आंकड़ों के हिसाब से इस NBFC के देश के 16 राज्यों और यूनियन टेरिटरीज के 191 जिलों में इसके 575 ब्रांच हैं। सबसे दमदार मौजूदगी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान में है। इसके वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रहा है।

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वित्त वर्ष 2021 में इसे 61.68 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 103.46 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में उछलकर 180.13 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी लगातार आगे बढ़ा है। वित्त वर्ष 2021 में इसका रेवेन्यू 697.57 करोड़ रुपये था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़कर 883.64 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2023 में 1,214.68 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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