₹6200 करोड़ का लोन लेकर इन चार IPO में निवेश, क्रेजी निवेशकों को इस भाव पर मिला कर्ज

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IPO News: पिछले हफ्ते आईपीओ मार्केट में एक PSU फाइनेंस कंपनी, एक टाटा कंपनी और एक पेन कंपनी और एक तेल रिफाईनरी कंपनी का आईपीओ खुला। इन आईपीओ को लेकर निवेशकों को जबरदस्त रुझान दिखा। निवेशकों का रुझान इतना जबरदस्त है कि इन चारों आईपीओ ने 2.5 लाख करोड़ रुपये जुटा लिए जो आईपीओ मार्केट में अब तक किसी एक हफ्ते का सबसे अधिक कलेक्शन है। दिलचस्प ये है कि इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक 62 हजार से अधिक बोली यानी करीब 25% हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) ने लोन लेकर आईपीओ में पैसे लगाया।

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इसका मतलब है कि 2.5 लाख करोड़ रुपये की जो बोली लगी है, उसमें से 6200 करोड़ रुपये की जो बोली चार बड़े आईपीओ टाटा टेक (Tata Tech), इरेडा (IREDA), फ्लेयर राइटिंग (Flair Writing) और गांधार ऑयल रिफाइनरी (Gandhar Oil Refinery) में लगी है, उसका पैसा कर्ज के जरिए जुटाया गया है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है।

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बड़े HNI लोन लेकर लगाते हैं IPO में बोली

IPO में निवेश के लिए नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी HNI की जो कैटेगरी है, उसमें भी दो हिस्से हैं। सेबी के नियमों के मुताबिक HNI छोटे और बड़े-दो कैटेगरी में हैं। 2 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की बोली लगाने वाले HNI छोटे कैटेगरी में आते हैं। वहीं 10 लाख रुपये से अधिक की बोली लगाने वाले नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स बड़े HNI की श्रेणी में आते हैं। निवेशकों की सभी कैटेगरी में HNI अधिकतर लोन लेकर निवेश करते हैं। खुदरा निवेशकों के बीच अभी लोन लेकर आईपीओ में पैसे लगाने का क्रेज नहीं है क्योंकि इसमें अधिकतम 2 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं।

इक्विरस कैपिटल के एमडी अजय गर्ग के मुताबिक इन चार आईपीओ में बड़े HNI ने 25 फीसदी बोली के लिए पैसा लोन के जरिए जुटाया है। एक और सूत्र ने भी ऐसा ही अनुमान ऐसा जताया है। हालांकि सूत्र ने यह भी कहा कि सेबी ने अब HNI कैटेगरी में बोली के वजन के हिसाब से शेयरों का अलॉटमेंट बंद कर दिया है तो अधिकतर निवेशक 10 लाख रुपये से अधिक की बोली नहीं लगाते हैं तो ऐसे में बड़े HNI के लिए औसतन एप्लीकेशन साइज 10 लाख रुपये का माना जा सकता है। पहले HNI भारी-भरकम बोली लगाते थे और अलॉटमेंट में इसके चलते उन्हें खूब शेयर मिल जाते थे। हालांकि फिर सेबी ने ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में आनुपातिक अलॉटमेंट का सिस्टम बदलकर अप्रैल 2022 से लॉटरी सिस्टम कर दिया।

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महंगा नहीं पड़ता है लोन लेकर बोली लगाना

सबसे अधिक टाटा टेक और इरेडा के आईपीओ में लोन लेकर निवेशकों ने पैसा लगाया। इसमें से अधिकतर लोन बजाज फाइनेंस और जेएम फाइनेंशियल ने बांटे थे। सूत्र के मुताबिक बजाज फाइनेंस ने दोनों IPOs के लिए करीब 10,000 HNI एप्लीकेशन और जेएम फाइनेंशियल ने करीब 9,000 HNI एप्लीकेशन पर लोन बांटा। आईपीओ और क्लाइंट के आधार पर इन लोन पर ब्याज की दरें 13 से 24 फीसदी के बीच होती हैं।

एक नजर में देखने पर लोन रेट अधिक लग सकता है लेकिन सेबी ने लिस्टिंग की समय सीमा घटाकर अब तीन से छह दिन कर दिया है तो ब्याज भी अधिक नहीं देना पड़ता है। एम्बिट कैपिटल में इनवेस्टमेंट बैंकिंग के को-हेड और ईसीएम (एंटरप्राइज कंटेंट मैनेजमेंट) के प्रमुख विकास खट्टर के मुताबिक अधिकतम 1 करोड़ रुपये का लोन एक आईपीओ के लिए लिया जा सकता है। NBFC के लिए यह लिमिट केंद्रीय बैंक RBI ने फिक्स किया है।

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