BSE के स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स ने बनाया रिकॉर्ड, क्या इन सूचकांकों में बनी रहेगी तेजी?

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भारतीय शेयर बाजार में नवंबर के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली। पॉजिटिव ग्लोबल रुझानों और यील्ड में नरमी आदि वजहों से कई सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) और बीएसई स्मॉलकैप (BSE Smallcap) सूचकांक भी 30 नवंबर को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सूचकांकों में यह बढ़त सीमित समय तक कायम रह सकती है, क्योंकि वैल्यूएशन मंहगे जान पड़ते हैं।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज (Geojit Financial Services) में रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया, ‘भारत में वैल्यूएशन की स्थिति काफी आक्रामक है। मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में वैल्यूएशन लॉन्ग टर्म एवरेज से 10-20 पर्सेंट ज्यादा है। हालांकि, लार्ज-कैप का वैल्यूएशन लॉन्ग टर्म एवरेज के आसपास है। लिहाजा, लार्जकैप शेयरों का रिवॉर्ड रेशियो बेहतर हो सकता है।’ उनका यह भी कहना था कि अगले 6 महीनों में मिडकैप शेयरों की परफॉर्मेंस, लार्जकैप शेयरों के मुकाबले सीमित हो सकती है।

HDFC सिक्योरिटीज (HDFC Securities) के रिटेल रिसर्च हेड दीपक जसानी (Deepak Jasani) ने भी मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट के वैल्यूएशन को महंगा बताया। उन्होंने कहा, ‘इसकी मुख्य वजह यह हो सकती है कि इन सूचकांकों में नुकसान या मुनाफे वाली ऐसी कंपनियां भी हो सकती हैं, जिनकी अर्निंग ग्रोथ निफ्टी की ग्रोथ से ज्यादा है।’

नवंबर में बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 9 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है, जबकि बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 8.3 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली, जबकि इस दौरान बीएसई में सेंसेक्स 4.7 पर्सेंट की तेजी रही। इस साल अब तक निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स (Nifty Smallcap 250 index) में 38 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है, जबकि निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स (Nifty Midcap 150 index) 33 पर्सेंट से भी ज्यादा चढ़ा है। इसके अलावा, निफ्टी50 (Nifty50) सूचकांक में 10 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है।

मिडकैप, स्मॉलकैप: आगे की राह

Growthinvesting.in के फाउंडर और स्मॉलकेस मैनेजर नरेंद्र सिंह का मानना है कि मीडियम टर्म में मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में आउटपरफॉर्मेंस कई अहम फैक्टर्स पर निर्भर करेगा, मसलन राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों, मौजूदा ग्लोबल घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और ब्याज दरों का ट्रेंड आदि।

वाटरफील्ड एडवाइजर्स (Waterfield Advisors) के डायरेक्टर, लिस्टेड इनवेस्टमेंट्स केदार कदम का मानना है कि स्मॉलकैप और मिडकैप में तेजी का दौर बना रह सकता है, लेकिन इस लेवल से कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है, क्योंकि कई स्टॉक अपने फंडामेंटल्स से आगे नजर रहे हैं और महंगे हैं। उनके मुताबिक, कैपिटल गुड्स, बिल्डिंग मटीरियल, स्पेश्यलिटी केमिकल्स और फार्मा सेक्टरों में कई कंपनियां इस कैटगरी में हैं।

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