खेल भावना की मिसाल, भारतीय कप्‍तान ने आउट घोषित किए गए बैटर को बुलाया था वापस, टीम हारी लेकिन जीता था दिल

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हाइलाइट्स

भारत और इंग्‍लैंड के बीच 1980 के टेस्‍ट की घटना
विश्‍वनाथ ने आउट घोषित टेलर को वापस बुलाया था
टेलर-बॉथम की साझेदारी के कारण मैच हारा था भारत

नई दिल्‍ली. पेशेवर हो चुके खेल में आज ज्‍यादातर कप्‍तान/टीमों की कोशिश हर हाल में जीत हासिल करने होती है.जीत की इस ‘लालसा’ में कई बार खेलभावना पीछे छूट जाती है.कुछ ऐसी ही भावना हाल ही में वर्ल्‍डकप 2023 के दौरान बांग्‍लादेश और श्रीलंका मैच के दौरान सामने आई थी जब बांग्‍लादेशी कप्‍तान शाकिब अल हसन ने एंजेलो मैथ्‍यूज के खिलाफ ‘टाइम आउट’ की अपील की और अंपायर को इसे स्‍वीकार करना पड़ा.शाकिब ने इस अहम बात कीअनदेखी की कि मैथ्‍यूज निर्धारित समय में क्रीज पर पहुंच गए थे और हेलमेट की स्ट्रिप टूटने के कारण उन्‍हें अपनी पहली बॉल का सामना करने में देर हुई. इस घटना ने ‘बिगड़ैल क्रिकेटर’ की छवि रखने वाले शाकिब की इमेज को और दागदार बनाया है. क्रिकेट के ज्‍यादातर दिग्‍गज प्‍लेयर्स ने बांग्‍लादेशी कप्‍तान के व्‍यवहार को खेल भावना के विपरीत बताते हुए उनकी आलोचना की थी.

शाकिब के इस व्‍यवहार के उलट भारत के एक कप्‍तान ने अंपायर द्वारा ‘भूलवश’ गलत आउट दिए गए बैटर को वापस बैटिंग के लिए बुलाने का साहस किया था.खास बात यह है कि उन्होंने यह फैसला ऐसे समय किया था जब मैच अहम मोड़ पर था. भारत और इंग्‍लैंड (India vs England) के बीच मुंबई (तब बंबई) में 1980 मेंबीसीसीआई के स्‍वर्ण जयंती टेस्‍ट में यह घटना हुई थी और भारतीय टीम के यह कप्‍तान थे गुंडप्‍पा विश्‍वनाथं (Gundappa Viswanath). यह अलग बात है कि अपील वापस लेने के फैसले के कारण भारतीय टीम (Indian Team)को मैच में 10 विकेट की हार का सामना करना पड़ा था लेकिन इस तरह की खेलभावना दिखाने के लिए ‘विशी’ को जमकर सराहना मिली थी और मैच के अगले दिन अखबार उनकी तारीफ से भरे पड़े थे.

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भारत और इंग्‍लैंड के इस मैच को ‘इयान बॉथम के टेस्‍ट’ के रूप में याद किया जाता है.वानखेड़े स्‍टेडियम पर खेले गए इस मैच में बैटिंग करते हुए भारतीय टीम की पहली पारी 242 रन पर सिमट गई थी. ऑलराउंडर इयान बॉथम (Ian Botham )ने 58 रन देकर सर्वाधिक छह विकेट लिए थे. जवाब में भारतीय टीम ने ‘पलटवार’ करते हुए एक समय इंग्‍लैंड के पांच विकेट 58 रन पर गिरा दिए थे. संकट के इन क्षणों में इयान बॉथम और विकेटकीपर बॉब टेलर (Bob Taylor)की जोड़ी क्रीज पर थी. इन दोनों की साझेदारी मैच को भारत की पहुंच से दूर ले जाती नजर आ रही थी.

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इसी मौके पर टेलर के खिलाफ विकेट के पीछे कैच की अपील हुई और अंपायर ने उन्‍हें आउट दे दिया.विश्‍वनाथ को महसूस हुआ कि बैटर आउट नहीं है.उन्‍होंने विकेटकीपर किरमानी और अन्‍य नजदीकी फील्‍डर्स से इस बारे में पूछताछ की जिन्‍होंने इसकी पुष्टि की.फिर क्‍या था, विश्‍वनाथ ने फौरन अपील वापस ले ली और अंपायर्स से बैट्समैन को वापस क्रीज पर बुलाने का आग्रह किया.बाद में बॉथम-टेलर के बीच छठे विकेट के लिए 171 रन की साझेदारी हुई और इंग्‍लैंड टीम पहली पारी में 296 रन बनाने में सफल हो गई.पहली पारी के आधार पर मेहमान टीम को 54 रन की अहम बढ़त मिली. भारत की दूसरी पारी का हश्र तो पहली पारी से खराब रहा और टीम 149 पर ढेर हो गई. बॉथम ने दूसरी पारी में भी 48 रन देकर सात विकेट लिए. इंग्‍लैंड के सामने जीत के लिए 96 रन का टारगेट था जो उसने बिना विकेट खोए हासिल कर लिया.मैच में भले ही इंग्‍लैंड के इयान बॉलर अपने ऑलराउंड प्रदर्शन (114 रन और 13विकेट) से ‘हीरो’ साबित हुए लेकिन असल हीरों तो विश्‍वनाथ को ही माना गया जिन्‍होंने हार-जीत की परवाह किए बिना खेल भावना को तरजीह दी और बॉब टेलर को बैटिंग के लिए वापस बुलाया.

Tags: Ian Botham, India Vs England

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